Famous Poets | Poetry

Title and Poet
हे मेरे स्वदेश!
रामधारी सिंह दिनकर

छिप जाऊँ कहाँ तुम्हें लेकर?… Read More

अतीत के द्वार पर
रामधारी सिंह दिनकर

'जय हो’, खोलो अजिर-द्वार मेरे… Read More

कलिंग-विजय
रामधारी सिंह दिनकर

युद्ध की इति हो गई;… Read More

प्रतिकूल
रामधारी सिंह दिनकर

है बीत रहा विपरीत ग्रहों… Read More

आग की भीख
रामधारी सिंह दिनकर

धुँधली हुईं दिशाएँ, छाने लगा… Read More

साथी
रामधारी सिंह दिनकर

उसे भी देख, जो भीतर… Read More

राही और बाँसुरी
रामधारी सिंह दिनकर

राही सूखी लकड़ी! क्यों पड़ी… Read More

जयप्रकाश
रामधारी सिंह दिनकर

झंझा सोई, तूफान रुका, प्लावन… Read More

जवानियाँ
रामधारी सिंह दिनकर

नये सुरों में शिंजिनी बजा… Read More

कुरुक्षेत्र / तृतीय सर्ग / भाग 5
रामधारी सिंह दिनकर

भूल रहे हो धर्मराज तुम… Read More

द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – १२
रामधारी सिंह दिनकर

(१०१) चाँदनी बनाई, धूप रची,… Read More

रुक्षेत्र / प्रथम सर्ग / भाग 1
रामधारी सिंह दिनकर

वह कौन रोता है वहाँ-… Read More

कुरुक्षेत्र / प्रथम सर्ग / भाग 2
रामधारी सिंह दिनकर

और जब, तीव्र हर्ष-निनाद उठ… Read More

कुरुक्षेत्र / द्वितीय सर्ग / भाग 1
रामधारी सिंह दिनकर

आयी हुई मृत्यु से कहा… Read More

कुरुक्षेत्र / द्वितीय सर्ग / भाग 2
रामधारी सिंह दिनकर

"कृष्ण कहते हैं, युद्ध अनघ… Read More

कुरुक्षेत्र / द्वितीय सर्ग / भाग 3
रामधारी सिंह दिनकर

और तब चुप हो रहे… Read More

कुरुक्षेत्र / द्वितीय सर्ग / भाग 4
रामधारी सिंह दिनकर

किन्तु, मत समझो कि इस… Read More

कुरुक्षेत्र / द्वितीय सर्ग / भाग 5
रामधारी सिंह दिनकर

जो अखिल कल्याणमय है व्यक्ति… Read More

कुरुक्षेत्र / तृतीय सर्ग / भाग 1
रामधारी सिंह दिनकर

समर निंद्य है धर्मराज, पर,… Read More

कुरुक्षेत्र / तृतीय सर्ग / भाग 2
रामधारी सिंह दिनकर

तुम विषण्ण हो समझ हुआ… Read More