कुरुक्षेत्र / तृतीय सर्ग / भाग 3
रामधारी सिंह दिनकर
न्यायोचित अधिकार माँगने से न… Read More
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कुरुक्षेत्र / तृतीय सर्ग / भाग 4
रामधारी सिंह दिनकर
जिनकी भुजाओं की शिराएँ फडकी… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – ८
रामधारी सिंह दिनकर
(६२) कौन बड़ाई, चढ़े श्रृंग… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – ९
रामधारी सिंह दिनकर
(६७) रह - रह कूक… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – १०
रामधारी सिंह दिनकर
(७५) पहली सीख यही जीवन… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – ११
रामधारी सिंह दिनकर
(८९) हर साँझ एक वेदना… Read More
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द्वन्द्वगीत
रामधारी सिंह दिनकर
(१) चाहे जो भी फसल… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – २
रामधारी सिंह दिनकर
(५) जब - तब मैं… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – ३
रामधारी सिंह दिनकर
(१२) तारे लेकर जलन, मेघ… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – ४
रामधारी सिंह दिनकर
(२५) मैं रोता था हाय,… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – ५
रामधारी सिंह दिनकर
(३१) यह फूलों का देश… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – ६
रामधारी सिंह दिनकर
(४०) कुछ सुन्दरता छिपी मुकुल… Read More
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द्वन्द्वगीत – पृष्ठ – ७
रामधारी सिंह दिनकर
(५३) सचमुच, मधुफल लिये मरण… Read More
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अगेय की ओर
रामधारी सिंह दिनकर
गायक, गान, गेय से आगे… Read More
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सोच रहा, कुछ गा न रहा मैं।
रामधारी सिंह दिनकर
[१] निज सागर को थाह… Read More
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प्रतीक्षा
रामधारी सिंह दिनकर
अयि संगिनी सुनसान की! [१]… Read More
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रहस्य
रामधारी सिंह दिनकर
तुम समझोगे बात हमारी? [१]… Read More
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शेष गान
रामधारी सिंह दिनकर
संगिनि, जी भर गा न… Read More
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सूखे विटप की सारिके !
रामधारी सिंह दिनकर
सूखे विटप की सारिके !… Read More
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गीत-शिशु
रामधारी सिंह दिनकर
आशीर्वचन कहो मंगलमयि, गायन चले… Read More
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