कत्तिन का गीत
रामधारी सिंह दिनकर
कात रही सोने का गुन… Read More
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गीत
रामधारी सिंह दिनकर
उर की यमुना भर उमड़… Read More
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प्रभाती
रामधारी सिंह दिनकर
रे प्रवासी, जाग , तेरे… Read More
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कवि
रामधारी सिंह दिनकर
ऊषा भी युग से खड़ी… Read More
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कालिदास
रामधारी सिंह दिनकर
समय-सिन्धु में डूब चुके हैं… Read More
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विजन में
रामधारी सिंह दिनकर
गिरि निर्वाक खड़ा निर्जन में,… Read More
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संध्या
रामधारी सिंह दिनकर
जीर्णवय अम्बर-कपालिक शीर्ण, वेपथुमान पी… Read More
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नारी
रामधारी सिंह दिनकर
खिली भू पर जब से… Read More
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अगुरु-धूम
रामधारी सिंह दिनकर
कल मुझे पूज कर चढ़ा… Read More
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रास की मुरली
रामधारी सिंह दिनकर
अभी तक कर पाई न… Read More
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मानवती
रामधारी सिंह दिनकर
रूठ गई अबकी पावस के… Read More
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अंतरवासिनी
रामधारी सिंह दिनकर
अधखिले पद्म पर मौन खड़ी… Read More
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पावस-गीत
रामधारी सिंह दिनकर
दूर देश के अतिथि व्योम… Read More
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सावन में
रामधारी सिंह दिनकर
जेठ नहीं, यह जलन हृदय… Read More
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पुरुष प्रिया
रामधारी सिंह दिनकर
मैं वरुण भानु-सा अरुण भूमि… Read More
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मरण
रामधारी सिंह दिनकर
लगी खेलने आग प्रकट हो… Read More
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समय
रामधारी सिंह दिनकर
जर्जरवपुष्! विशाल! महादनुज! विकराल! भीमाकृति!… Read More
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रसवन्ती (कविता)
रामधारी सिंह दिनकर
अरी ओ रसवन्ती सुकुमार !… Read More
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आश्वासन
रामधारी सिंह दिनकर
[१] तृषित! धर धीर मरु… Read More
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भ्रमरी
रामधारी सिंह दिनकर
पी मेरी भ्रमरी, वसन्त में… Read More
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