कविता का हठ / हुंकार
रामधारी सिंह दिनकर
"बिखरी लट, आँसू छलके, यह… Read More
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फूलों के पूर्व जन्म / हुंकार
रामधारी सिंह दिनकर
प्रिय की पृथुल जाँघ पर… Read More
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जीवन संगीत
रामधारी सिंह दिनकर
कंचन थाल सजा सौरभ से… Read More
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विधवा
रामधारी सिंह दिनकर
जीवन के इस शून्य सदन… Read More
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याचना
रामधारी सिंह दिनकर
प्रियतम! कहूँ मैं और क्या?… Read More
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सुन्दरता और काल
रामधारी सिंह दिनकर
बाग में खिला था कहीं… Read More
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संजीवन-घन दो
रामधारी सिंह दिनकर
जो त्रिकाल-कूजित संगम है, वह… Read More
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समाधि के प्रदीप से
रामधारी सिंह दिनकर
तुम जीवन की क्षण-भंगुरता के… Read More
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वैभव की समाधि पर
रामधारी सिंह दिनकर
हँस उठी कनक-प्रान्तर में जिस… Read More
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फूँक दे जो प्राण में उत्तेजना
रामधारी सिंह दिनकर
फूँक दे जो प्राण में… Read More
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कला-तीर्थ
रामधारी सिंह दिनकर
[१] पूर्णचन्द्र-चुम्बित निर्जन वन, विस्तृत… Read More
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परदेशी
रामधारी सिंह दिनकर
माया के मोहक वन की… Read More
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मनुष्य
रामधारी सिंह दिनकर
कैसी रचना! कैसा विधान! हम… Read More
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उत्तर में
रामधारी सिंह दिनकर
तुम कहते, ‘तेरी कविता में… Read More
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कोयल
रामधारी सिंह दिनकर
कैसा होगा वह नन्दन-वन? सखि!… Read More
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मिथिला में शरत
रामधारी सिंह दिनकर
किस स्वप्न-लोक से छवि उतरी?… Read More
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विश्व-छवि
रामधारी सिंह दिनकर
मैं तुझे रोकता हूँ पल-पल,… Read More
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अमा-संध्या
रामधारी सिंह दिनकर
नीरव, प्रशान्त जग, तिमिर गहन।… Read More
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स्वर्ण घन
रामधारी सिंह दिनकर
उठो, क्षितिज-तट छोड़ गगन में… Read More
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राजकुमारी और बाँसुरी
रामधारी सिंह दिनकर
राजमहल के वातायन पर बैठी… Read More
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